विमल विभूति बूढ़ वरद वाहनवा से, लम्बे लम्बे लट लटकावे बाबा बासुकी |
काल कूट कंठ शोभे नील रे वरनवा से, लाले लाले लोचन घुमाबे बाबा बासुकी |
ऐशन कलेवर बनाये देह्नो नागेश्वर, देखि जन महिमा लुभावे बाबा बासुकी |
अंधे पावे लोचन विविध दुःख मोचन से, कोढिया सुन्दर तन पावे बाबा बासुकी |
निपूत के पूत देत कुमति [...]
