इस दुनिया में इतनी रुसवाई क्यूँ होती है
हमारी हमारे ही अहसास से जुदाई क्यूँ होती है
हमसे किसी का इंतज़ार नहीं हो पाता
कोई हमारा राह भी नहीं तक पाता
इस दर्द को हमदर्द से शिकायत ये होती है
सबसे ज्यादा करीब मेरी परछाई क्यूँ होती है
रात में ये परछाई भी साथ छोड़ जाती है
बाद इसके सिर्फ तन्हाई [...]
